मुंबईः बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान (Sara Ali Khan) पिछले दिनों अपनी फिल्म ‘जरा हटके जरा बचके’ को लेकर सुर्खियों में रहीं. करीब 5 सालों बाद सारा की किसी फिल्म को इतना प्यार मिला है. हालांकि, सारा ने भी विक्की के साथ मिलकर इस फिल्म के प्रमोशन में कोई कसर नहीं छोड़ी. वहीं एक्ट्रेस ने तो फिल्म की सफलता के लिए मंदिर, मस्जिद में भी माथा टेका. ऐसे में अभिनेत्री ट्रोल्स के निशाने पर आ गईं. लेकिन, सारा अली खान ने ये बात साबित कर दी है कि उन्हें ट्रोल्स से कोई फर्क नहीं पड़ता है. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि मन्नत पूरी होने के बाद फिर सारा अली खान बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचीं.
बाबा महाकाल के दरबार पहुंचीं सारा अली खान यहां पूरी तरह से शिव भक्ति में लीन दिखीं. उन्होंने संध्या आरती में भी रुकीं और भगवान की पूजा की. यही नहीं, सारा इसके बाद कोटितीर्थ कुंड पहुंचीं और वहां कुछ समय व्यतीत किया. सारा अली खान और विक्की कौशल स्टारर फिल्म जरा हटके जरा बचके इस महीने की शुरुआत में 2 जून को रिलीज हुई थी. जिसने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की और फिल्म हिट हो चुकी है.
इसके बाद सारा अली खान इंदौर में एक ज्वेलरी शॉप के 15 साल पूरे होने पर आयोजित इवेंट में शामिल हुईं और फिर उन्होंने खजराना गणेश मंदिर में पहुंच कर माथा टेका और आशीर्वाद लिया. साथ ही बीते दिनों रिलीज हुई एक्टर विकी कौशल के साथ उनकी फिल्म ‘जरा हटके जरा बचके’ की सफलता के लिए धन्यवाद किया.
बता दें, सारा अली खान ने पिछले दिनों ही उनके उज्जैन महाकाल मंदिर दौरे पर हमला करने वाले ट्रोल्स को करारा जवाब दिया था. अभिनेत्री फिल्म की रिलीज से पहले भी अपनी फिल्म जरा हटके जरा बचके के प्रमोशनल इवेंट के दौरान मंदिर पहुंचीं और बाबा महाकाल से फिल्म की सफलता के लिए प्रार्थना की. जिसे लेकर सारा ट्रोल होने लगीं. ऐसे में सारा ने ट्रोल्स की आलोचना की और स्पष्ट किया कि उनकी निजी मान्यताएं उनकी अपनी हैं.
सारा ने कहा- ‘मैं अपने काम को बहुत गंभीरता से लेती हूं. मैं काम लोगों के लिए, करती हूं. अगर आपको मेरा काम पसंद नहीं आएगा तो मुझे बुरा लगेगा, लेकिन मेरी निजी मान्यताएं मेरी अपनी हैं. मैं उसी श्रद्धा से अजमेर शरीफ जाती हूं जिस श्रद्धा से बंगला साहिब या महाकाल जाती हूं. मैं दौरा जारी रखूंगा. लोग जो चाहें कह सकते हैं, मुझे कोई दिक्कत नहीं है.’ आपको किसी स्थान की ऊर्जा पसंद आनी चाहिए…मैं ऊर्जा में विश्वास करती हूं.’









