सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जाती हैं, जिसमें से एक योजना रायथु बंधु स्कीम है. इस योजना के तहत सरकार हर मौसमी फसल के दौरान एक एकड़ पर पांच हजार की रकम देती है. तेलंगाना सरकार ने 26 जून से रायथु बंधु योजना की 11वीं किस्त के तहत राज्य के करीब 70 लाख किसानों को 7,720.29 करोड़ रुपये का ट्रांसफर शुरू कर दिया है.
किसानों के खातों में प्रति एकड़ पर 5000 रुपये जमा किया जाएगा, ताकि किसान को बीज, उर्वरक, कीटनाशकों और खेत की तैयारी पर लागत संबंधी खर्चों में सहायता देती है. इस योजना के तहत राज्य के 31 जिलों की 1.42 करोड़ एकड़ कृषि भूमि को शामिल किया गया है.
कब शुरू की गई थी योजना
रायथु बंधु योजना किसानों को लाभ देने के लिए शुरू की गई है. यह योजना तेलंगाना सरकार की ओर से शुरू की जाती है. इस योजना का लक्ष्य किसानों को समर्थन देना और राज्य में कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है. इस योजना के तहत इस साल पांच लाख नए किसानों के खाते भी जोड़े जाएंगे. एक सरकारी आंकड़े के मुताबिक, राज्य में 92 फीसदी लाभार्थियों के पास पांच एकड़ से कम, 5 फीसदी के पास 5 से 10 एकड़ और बाकी 3 फीसदी के पास 10 एकड़ से ज्यादा की जमीन है.
सरकार पर 300 करोड़ का अतिरिक्त बोझ
पिछले साल की तुलना में इस साल एक्स्ट्रा अमाउंट बांटने से सरकार पर करीब 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा. इससे पहले, कृषि मंत्री एस निरंजन रेड्डी ने योजना के पहली बार लाभार्थियों को सलाह दी थी कि वे सुचारू वितरण प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए अधिकारियों से संपर्क करें. राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से किसान चार से पांच साल में कर्ज से मुक्त हो जाएंगे.
दो किस्त में दी जाती है रकम
रायथु बंधु योजना की 11वीं किश्त के वितरण के बाद योजना के तहत अब तक सरकार का कुल योगदान 72,910 करोड़ रुपये है. योजना के तहत राज्य सरकार दो किस्त में कुल 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसमें से प्रत्येक दो कृषि सत्रों में 5,000 रुपये जारी किए जाते हैं.









