व्यापार से होगा बंपर मुनाफा, अपनाएं सरल कॉरपोरेट वास्तु टिप्स

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नया व्यापार शुरू करने के पहले हम तमाम तरह की बातों को ध्यान में रखते हैं, लेकिन उसके बाद भी कभी-कभी कारोबार में वृद्धि और सफलता नहीं मिल पाती. कई बार तो बहुत मेहनत करने के बाद भी व्यापार बिल्कुल ठप पड़ जाता है और हमें हमारी मेहनत के अनुरूप मुनाफा नहीं मिल पाता. इन सबके पीछे वास्तु दोष एक बड़ा कारण हो सकता है. वास्तु शास्त्र मानता है कि ऐसी कई चीजें होती हैं, जिनको नया व्यापार शुरू करते समय ध्यान में रखना बहुत जरूरी है. इसके लिए वास्तु शास्त्र में कुछ उपाय भी बताए गए हैं. जिनको सही तरीके से करने पर व्यापार में वृद्धि और उन्नति पाई जा सकती है. भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु विशेषज्ञ पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं, व्यापार में लाभ पाने के कुछ आसान वास्तु उपायों के बारे में.

भूखंड की स्तिथि
किसी भी नए कार्य की शुरुआत या फैक्ट्री का निर्माण आर्थिक समृद्धि के लिए किया जाता है. इसके लिए सिंह मुखी जमीन सबसे लाभप्रद मानी जाती है. सिंह मुखी जमीन में आगे का भाग चौड़ा होता है, और पीछे की तरफ सकरा होता जाता है.

बाउंड्री वॉल की स्तिथि
वास्तु शास्त्र के अनुसार, फैक्ट्री जिस भूखंड पर बनाई जा रही है. उसके चारों ओर बनी बाउंड्री वॉल पश्चिम एवं दक्षिण की तुलना में पूर्व और उत्तर दिशा की तरफ नीची और अपेक्षाकृत हल्की होनी चाहिए. मतलब दक्षिण पश्चिम में निर्माण कार्य अधिक भारी ना हो.

मुख्यद्वार की स्तिथि
वास्तु शास्त्र मानता है कि फैक्ट्री की भूमि के पूर्व-उत्तर या उत्तर-पूर्व की ओर मुख्य द्वार को रखना नुकसान दायक हो सकता है. आप अपनी फैक्ट्री में छोटा द्वार उत्तर पश्चिम दिशा में रख सकते हैं. यदि आपके फैक्ट्री का मुख्य द्वार पूर्व में है. तो पहरेदार की कोटरी फाटक के दक्षिण पूर्व दिशा में होनी चाहिए.

बिजली की चीजें यहां हों
वास्तु शास्त्र के अनुसार, फैक्ट्री में उपयोग में होने वाली इलेक्ट्रॉनिक चीजें जैसे बॉयलर, ट्रांसफार्मर, चिमनी, जनरेटर, बिजली के उपकरण या टेलीफोन का खंबा, बिजली का मीटर, गैस या बिजली से चलने वाला कोई भी अन्य उपकरण आदि की व्यवस्था सदैव फैक्ट्री के आग्नेय कोण में ही होनी चाहिए.

उत्तर-पूर्व दिशा है महत्वपूर्ण
जिस भूखंड पर आपकी फैक्ट्री बन रही है उस भूखंड का ईशान कोण कभी भी कटा हुआ नहीं होना चाहिए. वास्तु शास्त्र में इसे अशुभ माना गया है. इसके अलावा इस दिशा में किसी भी तरह का भारी-भरकम सामान रखा होना भी नुकसान दायक हो सकता है. यदि आप अपनी फैक्ट्री में पानी की व्यवस्था करवा रहे हैं, जैसी बोरिंग, अंडरग्राउंड टैंक तो इसे ईशान कोण में बनवाना लाभप्रद होगा.

 

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