आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश का नाम रोशन करने वाली इन बेटियों पर कभी गर्व करते थे, लेकिन आज वह इनकी आवाज नहीं सुन रहे हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय और स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के साथ पार्टी के कुछ विधायक और कार्यकर्ता बुधवार को यहां जंतर-मंतर पर धरना दे रहे खिलाड़ियों के समर्थन में आए। इस दौरान श्री राय ने कहा कि कभी प्रधानमंत्री को भी इन खिलाड़ियों पर गर्व हुआ करता था, लेकिन आज जंतर-मंतर पर बैठी बेटियों की आवाज़ उन्हें सुनाई नहीं दे रही है।
प्रधानमंत्री के पास उनका पक्ष सुनने या उनकी मांगों पर विचार करने के लिए समय नहीं है। उन्होंने कहा कि खिलाड़यिों को जाति के नाम पर बांटना सही नहीं है। खिलाड़यिों की सिर्फ एक ही जाति है और वह है खिलाड़ी जाति। खिलाड़ी जब तिरंगा लेकर देश से बाहर जाते हैं तो सभी जातियों की दुआएं उनके साथ रहती हैं। उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़यिों की मांगों को नहीं माना गया तो सात मई को 360 गावों की महापंचायत जंतर मंतर में की जाएगी।
आप नेता सौरभ भरद्वाज ने कहा कि जिन लोगों के हिफ़ाज़त में बेटियों को बाहर खेलने के लिए भेजा गया वही उन बेटियों पर गलत नजर रखते हैं और उनका शोषण करते हैं। जब बेटियों ने मेडल जीता तो किसी ने नहीं कहा कि जाटों ने मेडल जीता, लेकिन आंदोलन करने वाले खिलाड़यिों को कहा जा रहा की यह जाटों का आंदोलन है। हमारे घर की इज्जत बेटियाँ हैं, लेकिन आज वह यहां टेंट में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जब तक बृजभूषण शरण सिंह को जेल नहीं भेजा जाएगा तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा और इस संघर्ष की आवाज़ को घर-घर तक पहुँचाने का काम किया जाएगा।










