मध्यप्रदेश के एक मंदिर में भगवान का 501 लीटर केसर दूध से अभिषेक हुआ. बुरहानपुर में करीब 200 साल पुराने स्वामीनारायण मंदिर में गर्मी के मौसम को देखते हुए भगवान स्वामीनारायण का चंदन लेप लगाया गया. इसके साथ 501 लीटर केसर दूध से अभिषेक किया गया. जिले में पारा 46 डिग्री तापमान पर पहुंच गया है. ऐसे में लोग गर्मी से बचने के लिए फ्रिज, कूलर और एसी का सहारा ले रहे हैं, वहीं भक्त भी भगवान को ठंडक देने के लिए चंदन का लेप लगाकर केसर से अभिषेक कर रहे हैं.
गर्मी से राहत के लिए डेढ़ माह तक चंदन से लेप और श्रृंगार किया गया. भगवान को अधिक ठंड ना लगे इसके लिए अब केसर से अभिषेक किया गया. मान्यता है कि चंदन ठंडक देता है तो वहीं केसर से गर्माहट होती है. मंदिर के पुजारी स्वामी चिंतन प्रिय दास ने बताया कि भगवान स्वामीनारायण ने 3 दिन ताप्ती नदी के मोहना संगम तट पर तपस्या की थी. ताप्ती नदी के राज घाट पर बने हाथी पर बैठ कर भक्तों का प्रसाद स्वीकार किया था.
मंदिर में हैं करीब 200 साल पुराने भगवान के वस्त्र
पुजारी जी ने बताया कि गुजरात के वड़ताल से लाइ प्रतिमा की मंदिर में स्थापना की गई है. स्वयं भगवान स्वामीनारायण ने इस प्रतिमा की 6 माह तक सेवा की थी. बुरहानपुर के गुजरात से वड़ताल पहुंचे भक्तों को भगवान स्वामीनारायण ने प्रतिमा दी थी, इसलिए यहां पर देश-विदेश से भक्त दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. मंदिर में आज भी करीब 200 साल पूराने भगवान के वस्त्र भक्तों के दर्शन के लिए रखे हुए हैं. इस मंदिर में देश-विदेश और गुजरात के भक्त बड़ी संख्या में दर्शन करने पहुंचते हैं.










