हिंदू धर्म में विवाह से पहले शुभ मुहूर्त देखा जाता है. मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में शादी करने से वर वधू को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता उनका वैवाहिक जीवन सकुशल बना रहता है. हिंदी पंचांग के अनुसार आज यानी 27 जून दिन मंगलवार का दिन विवाह के लिए सबसे बड़ा मुहूर्त माना जाता है. तिथि को भड़ली नवमी कहते हैं. इसके 2 दिन बाद यानी 29 जून 2023 को देव शयनी एकादशी है. जिसमें देव सो जाएंगे और 4 महीने तक कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं होगा. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
क्या है भड़ली नवमी
आज 27 जून 2023 को भड़ली नवमी है. जिसे एक अबूझ मुहूर्त के रूप में भी जाना जाता है. भड़ली नवमी हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है. इस दिन कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करने के लिए किसी विशेष मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु चयन के लिए चले जाते हैं. इस दौरान कोई भी मांगलिक या शुभ कार्य नहीं किया जाता. इसलिए भगवान विष्णु ने अपने शयन काल से पहले नवमी तिथि भक्तों को शुभ कार्यों के लिए समर्पित की है.
विवाह के लिए शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार 27 जून 2023 मंगलवार के दिन विवाह के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5:25 से शाम को 6:24 तक रहेगा. इस दौरान हस्त नक्षत्र पड़ रहा है और तिथि नवमी रहेगी.
चतुर्मास में नहीं होते ये काम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब देव सो जाते हैं उस दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता. इस दौरान ना तो विवाह होता है, ना ही मुंडन संस्कार होता है और ना ही गृह प्रवेश किया जाता है.
इस बार चतुर्मास की जगह होगा 5 मास
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार सावन के महीने में मलमास या पुरुषोत्तम मास लग रहा है. जिसकी वजह से सावन का महीना 2 माह का होने जा रहा है और चतुर्मास भी 5 माह का होगा. इसलिए जून में केवल आज यानी 27 जून का ही आखरी दिन है क्योंकि 29 जून को देव सो रहे हैं.









