एशेज सीरीज का दूसरा टेस्ट 43 रन से जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने भले ही मेजबान इंग्लैंड (Australia vs England) पर 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन मैच के आखिरी दिन हुई घटना ने दोनों मुल्कों के क्रिकेट रिश्तों में कड़वाहट घोलने का काम किया है. रविवार को ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर एलेक्स कैरी (Alex Carey) ने जिस अंदाज में इंग्लैंड के जॉनी बेयरस्टो (Jonny Bairstow) को स्टंप आउट किया, उसे लेकर कंगारू टीम की खेलभावना पर गंभीर सवाल उठे हैं.
नियम के अनुसार, अंपायर ने बेयरस्टो को आउट करार दिया लेकिन क्रिकेट दिग्गजों का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई कप्तान खेलभावना की मिसाल पेश कर इंग्लैंड के बैटर को उसी तरह क्रीज पर बुला सकते थे जैसा टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने एक दशक पहले किया था. बेयरस्टो मामले के बाद धोनी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
मैच में इंग्लैंड के समक्ष जीत हासिल करने के लिए 371 रन का टारगेट था. खेल के आखिरी दिन इंग्लिश टीम जब लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो उनको बेन डकेट के रूप में पहला झटका लगा और बैटिंग करने जॉनी बेयरस्टो उतरे. कैमरून ग्रीन की गेंद को खेलने के बाद वे दूसरे छोर पर मौजूद कप्तान बेन स्टोक्स से बात करने के लिए आगे बढ़े और विकेटकीपर कैरी ने थ्रो कर स्टंप बिखेर दिए. बेयरस्टो ने जब मुड़कर देखा तो उन्हें यकीन नहीं हुआ कि ऐसा कुछ किया गया है.इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम ने आउट की अपील की और बेयरस्टो को पवेलियन लौटना पड़ा.बेयरस्टो से जुड़े इस मामले पर विवाद के बाद धोनी का वर्ष 2011 का एक वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है जब टीम इंडिया के कप्तान (तत्कालीन) ने इंग्लैंड के इयान बेल (Ian Bell) को बैटिंग के लिए ‘वापस’ बुलाकर वाहवाही लूटी थी.
बेल को लगा था, चौका हो गया
वर्ष 2011 में ट्रेंटब्रिज में हुए भारत-इंग्लैंड (India vs England) टेस्ट में इयान बेल को ऐसा लगा कि उन्होंने चौका मारा है जबकि भारतीय फील्डर प्रवीण कुमार ने डाइव लगाकर गेंद पर बाउंड्री के बाहर जाने के पहले ही रोक लिया था. अपने शॉट को चौका मानकर बेल क्रीज से बाहर निकल गए थे, इस बीच प्रवीण ने थ्रो फेंका और भारतीय फील्डर्स ने इंग्लैंड के बैटर को आउट कर दिया. नियम के अनुसार बेल आउट थे लेकिन धोनी ने अपनी अपील वापस लेकर बड़ा दिल दिखाया और इस बल्लेबाज को फिर से बैटिंग के लिए बुला दिया. उनके इस व्यवहार की खेल जगत में खूब प्रशंसा हुई थी.
दूसरे टेस्ट में 43 रन से हारा इंग्लैंड
लॉर्ड्स टेस्ट की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग कर 416 रन बनाए थे जिसके जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 325 रनों पर समाप्त हुई थी. ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 279 रन बनाते हुए इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 371 रन का टारगेट रखा था लेकिन कप्तान बेन स्टोक्स की 155 रनों की साहसिक पारी के बावजूद इंग्लैंड टीम 327 रन पर आउट हो गई थी. मैच में उसे 43 रन की हार का सामना करना पड़ा. इससे पहले एजबेस्टन में सीरीज का पहला टेस्ट भी इंग्लैंड दो विकेट से हार गया था.










