वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि इनकम टैक्स विभाग ने एक लाख से अधिक टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स नोटिस जारी किया है। यह नोटिस आईटीआर दाखिल न करने और गलत इनकम की जानकारी देने के कारण जारी किया गया है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि इन नोटिस को उन टैक्सपेयर्स को भेजा गया है जिनकी इनकम 50 लाख से अधिक है। ऐसे में सरकार को उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष के अंत तक सभी बकाया टैक्स को क्लियर कर लिया जाएगा।
उनके मुताबिक आईटी डिपार्टमेंट इन नोटिस को सुलझाने के लिए तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही पिछले कुछ सालों में इनकम टैक्स की दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई है लेकिन इससे इनकम टैक्स कलेक्शन में इजाफा जरूर हुआ है। कल देश के आयकर दिवस के अवसर पर दिल्ली के विज्ञान भवन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन एक कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
दो कैटेगरी में भेजे गए हैं नोटिस
गौरतलब है कि आयकर विभाग द्वारा टैक्सपेयर्स को कुल दो कैटेगरी नोटिस भेजा है। पहले वह लोग है जिन्होंने इनकम छुपाकर कम टैक्स भरा है और दूसरे लोग वह जिन्होंने टैक्स की देनदारी होते हुए भी आईटीआर फाइल नहीं किया है। बता दें कि ज्यादातर मामले उन लोगों के हैं जिसकी कमाई 50 लाख रुपए सालाना से अधिक है। यह सभी मामले 4 से 6 साल तक पुराने हो सकते हैं।
इतने करदाताओं ने फाइल किया इनकम टैक्स रिटर्न
इनकम टैक्स दिवस के मौके पर बात करते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अध्यक्ष ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए अब तक कुल 4 करोड़ से अधिक टैक्सपेयर्स ने अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर दिया है। इसमें से आधे को प्रोसेस भी कर दिया गया है। ध्यान देने वाली बात ये है कि वित्त वर्ष 2022-23 और असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए आईटीआर फाइल करने की तारीख करीब आ रही है।
ऐसे में इनकम टैक्स विभाग लोगों को बार-बार समय से आईटीआर फाइल करने की सलाह दे रहा है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो बाद में 5 लाख रुपए से अधिक के इनकम वाले लोगों को 5,000 रुपए और 5 लाख से कम इनकम वाले लोगों को 1,000 रुपए तक की पेनल्टी देनी पड़ेगी। ऐसे में बिना जुर्माने के टैक्स जमा करने के लिए 31 जुलाई तक अपने काम को पूरा कर लें।







