बिजली कटौती से किसान परेशान:आवारा पशु फसल कर रहे बर्बाद

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हर मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में लगने वाले जनदर्शन में अर्जी देने दूरदराज से लोग आते हैं। आवेदन लेकर आने वाले इन आवेदकों की उम्मीद कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन देने और विभाग की सील लगाने में ही जैसे पूरी हो जाती है, लेकिन ऐसे कई आवेदन है जिन पर कोई कार्रवाई ही नहीं होती। वे दो से तीन बार अपने आवेदन लेकर जनदर्शन में आते हैं। कुछ के लिए आवेदन देने के बाद तत्काल निर्देश और समस्या के समाधान से संतुष्टि के भाव चेहरे पर नजर आते हैं।

मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में जुटने वाली भीड़ शहर के अलावा जिले के अलग- अलग ब्लॉक से होती है जो अपना सभी कामकाज छोड़कर अपनी समस्याओं के निपटारे के लिए आते हैं। इनमें से किसी को राशन कार्ड बनवाना है और किसी को पंचायत प्रतिनिधियों के भ्रष्टाचार की शिकायत करनी है। बिल्हा ब्लाक के पोंड़ी ह पंचायत से आए मनोज सिंह नेताम ने बताया कि वे गोठान समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने गोठान के चारो ओर फेसिंग तार की बाड़ लगाने के लिए कई बार आवेदन दिया है लेकिन अब तक काम नहीं हुआ है। इससे नुकसान यह हो रहा है कि आवारा पशु खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।

वे इसके लिए दो से तीन बार आवेदन दे चुके हैं। कुम्हार समाज के प्रतिनिधि अपने समाज के लिए जमीन मांगने आए थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के भेंट मुलाकात कार्यक्रम के पहले उन्होंने अपना आवेदन शासन को दिया था लेकिन अन्य समाज के लिए जमीन आवंटित कर दी गई और उनकी अब रजिस्ट्री की तैयारी है जबकि हमारे समाज का आवेदन पहले देने के बाद भी जमीन नहीं मिल पाई है। हम यह आवेदन दूसरी बार दे रहे हैं।

  • बिजली कटौती पीड़ित किसानों ने बताया कि साहब कह रहे थे हम कुछ नहीं कर सकते। – कटौती सरकारी आदेश है, अगर कोई कर्मचारी बदमाशी कर रहा है तब कार्रवाई करेंगे।
  • बहुत लोगों का काम नहीं हो पाता है? – हां हर किसी को संतुष्ट नहीं किया जा सकता।
  • जनदर्शन में आने वालों की उम्मीदें आपसे रहती है? – कोशिश पूरी रहती है कि सभी आवेदनों को लेकर समाधान किया जा सके। इनके लिए खेती करना जैसे बड़ी समस्या बन गई सीपत क्षेत्र के चार गांव में 200 से अधिक पंप बिजली कटौती होने की वजह चल नहीं रहे हैं। बिजली कटौती का विरोध करने पहुंचे कौड़िया, मुड़पार, नवागांव और दर्राभाठा के किसानों ने बताया कि पहले छह घंटे बिजली कटौती की बात थी, लेकिन छह घंटे बाद भी कटौती करने से हम सब्जी नहीं लगा पा रहे हैं और खेती का काम नहीं कर पा रहे हैं। इधर साहब से जब हमने अपनी समस्या कही तब उन्होंने कहा बिजली कटौती पर हम कुछ नहीं कर सकते। सीधी बात आरए कुरूवंशी, अपर कलेक्टर बिलासपुर एफसीआई

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