बिहार में कैमूर जिले के जिला मुख्यालय भभुआ में मुहर्रम के जुलूस के दौरान दो समुदायों के सदस्यों के बीच झड़प के एक दिन बाद, राज्य सरकार ने रविवार को सोशल मीडिया वेबसाइटों को एक अगस्त तक के लिए निलंबित कर दिया।
सोशल मीडिया वेबसाइटें एक अगस्त तक बैन
बिहार के गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व जनता के बीच “अफवाह और असंतोष” फैलाने के लिए आपत्तिजनक सामग्री साझा करने के लिए इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं ताकि उन्हें उकसाया जा सके और शांति भंग किया जा सके एवं जान-माल को नुकसान पहुंचाया जा सके। इसलिए विधि-व्यवस्था बाहर रखे जाने के मद्देनजर विभाग सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निर्देश देता है कि वे सोशल नेटवर्किंग साइटों या एप्लिकेशन के माध्यम से कोई भी ऐसी सामग्री/कोई भी संदेश 30 जुलाई को दोपहर डेढ़ बजे से एक अगस्त को शाम चार बजे तक प्रसारित नहीं करे।
झड़प के बाद प्रशासन को संभालनी पड़ी थी कमान
शनिवार को मुहर्रम के अवसर पर जब “ताजिया” जुलूस भभुआ में एकता चौक पार कर रहा था, तभी दो समुदायों के सदस्यों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को कमान संभालनी पड़ी थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि जिला पुलिस मुहर्रम के मौके पर वहां लगे सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों की फुटेज की मदद से उपद्रवियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। घटना के तुरंत बाद, जिलाधिकारी सावन कुमार ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा था कि कुछ असामाजिक तत्वों ने अशांति पैदा करने की कोशिश की, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल की मदद से स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया।
अब तक 27 दोषियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक ललित मोहन शर्मा ने संवाददाताओं को बताया था कि व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की सहायता के लिए तीन त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को सेवा में लगाया गया। उनके अनुसार कैमुर जिले में सांप्रदायिक सौहार्द में बाधा डालने वाले 27 दोषियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। कैमुर पुलिस ने स्थिति सामान्य एवं नियंत्रण में बताते हुए लोगों से अपील की है कि वे अफवाह न फैलाए एवं इससे बचें, अन्यथा आप के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







