रायपुर से विशाखापट्नम तक 464 किमी बनने वाली सिक्सलेन के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। यह एक्सप्रेस-वे धमतरी- नगरी मार्ग पर 68.78 किमी जंगल को चीरती हुई निकल रही है। यह एक्सप्रेस-वे कई मायनों में खास है। छत्तीसगढ़ में पहली बार ऐसा एक्सप्रेस वे का निर्माण होगा, जिसमें जंगली-जानवरों का विशेष ख्याल रखते हुए सड़क को जमीन से 4-5 फीट ऊपर रखा जा रहा है, ताकि मवेशी, जंगली-जानवर इस पर घुस नहीं सकें। सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व के उप निर्देशक वरुण जैन ने बताया कि धमतरी, कांकेर और केशकाल में बंदरों की संख्या बहुत है।
124.66 किमी रास्ते पर होंगे ये निर्माण
17 मंकी कैनोपी- सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व में बंदर अधिक है। जनहानि रोकने 17 मंकी कैनोपी (ब्रिज) बनेंगे।
8 एलीफैंट ओवर ब्रिज- धमतरी हाथी का कॉरिडोर है। उनके विचरण में बाधा न आए, इसलिए एलीफैंट ओवरब्रिज तैयार होंगे।
19 एनिमल पास- ये रूट बाघ, भालू व अन्य जानवरों के आने-जाने के रास्ते हैं। जानवर आराम से जा सकेंगे।
2.8 किमी लंबी 2 सुरंगें- केशकाल की पहाड़ियों पर 2.8 किमी लंबी 2 सुरंगें बनाई जाएंगी।
खासियत
- 20 लाइट व्हीकल अंडर पास- जिसके जरिए सड़क के नीचे से कार, बाइक जैसे छोटी गाड़ियां गुजरेंगी।
- 7 व्हीकल अंडर पास- इस रास्ते के नीचे से छोटी-बड़ी सभी गाड़ियां गुजर सकेंगी।
- 2 व्हीकल ओपन पास- यह खुला रास्ता होगा, जिसके जरिए सभी तरह की गाड़ियां आ-जा सकेंगी।
- 151 बाॅक्स कलवर्ट- सड़क के नीचे छोटा नाला होगा, जो अंदर से होकर गुजरेंगे, ताकि बरसाती पानी निकासी हो सकें।
- 15 माइनर व 3 बड़ा ब्रिज- इस पुल के जरिए पानी निकासी होगी।










