दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन सहित, जबलपुर, भुवनेश्वर, पूर्वोत्तर जोन सहित अन्य जोन में रेलवे लाइन निर्माण का काम चल रहा है। ऐसे में वहां से गुजरने वाली ज्यादातर ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया या फिर परिवर्तित मार्ग से चलाया गया या चलाया जा रहा है। 2 अगस्त से ट्रेनों के परिचालन में व्यवधान शुरू हुआ जो 25 अगस्त तक रहेगा।
फिलहाल बीते 15 दिनों में 150 से अधिक ट्रेनें कैंसिल और 50 से अधिक ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलीं हैं। आने वाले 8 दिनों में 50 से ज्यादा ट्रेनें कैंसिल और 15 से अधिक ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी। ट्रेनों के कैंसिल होने से सैकड़ों लोगों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी। इससे रेलवे प्रशासन को लाखों रुपए का रिफंड करना पड़ा। अगस्त के इस महीने में लगभग सभी दिन ट्रेनें कैंसिल रही हैं। ज्यादातर ट्रेनें बिलासपुर जोन और यहां से गुजरने वाली ट्रेनें हैं।
इन ट्रेनों के कैंसिल होने से यात्रियों को त्योहार और अवकाश की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। महीनों पहले बनाए गए कार्यक्रमों को रद्द करना पड़ा है। बिलासपुर सहित आसपास के जोन में स्टेशनोें के यार्ड की रीमॉडलिंग, दूसरी और तीसरी लाइन को आपस में कनेक्ट करने नॉनइंटरलॉकिंग का काम चल रहा है। ऐसे में उस जोन से गुजरने वाली यहां की ज्यादातर ट्रेनों का कैंसिल कर दिया। जबलपुर जोन में चल रहे काम की वजह से रीवां, चिरमिरी जेसी गाड़ियों को 15 दिन के लिए कैंसिल कर दिया गया है। यह सिलसिला अभी जारी रहेगा।
अलग-अलग तिथियों में ट्रेनें कैंसिल रहेंगी। पिछले 15 दिन में 10 हजार से ज्यादा यात्रियों को अपनी यात्रा कैंसिल करनी पड़ी। इसमें ज्यादातर लंबी दूरी तक यात्रा करने वाले थे। इन्हें रेलवे को रिफंड लौटाना पड़ा है। हालांकि इनमें भी ज्यादातर आईआरसीटीसी से ऑनलाइन टिकट पर यात्रा करने वाले थे। इसलिए उनका रिफंड वहीं से होता है। खिड़की से टिकट वापस करने वालों की तादात ज्यादा नहीं है।
परेशानी से कोई लेना-देना नहीं
रेलवे प्रशासन को आम जनता की तकलीफों से कोई लेना देना नहीं है। अवकाश और त्योहारों के समय ट्रेनों के कैंसिल होने से लोगों को परेशानियां बढ़ गई हैं। बारिश की वजह से वैसे भी सड़क मार्ग से जाने से लोग कतराते हैं लेकिन मजबूरी की वजह से उन्हें सड़क मार्ग से सफर करना पड़ रहा है।









