छत्तीसगढ़ स्टेट कमीशन अपना प्रतीक चिन्ह (लोगो) बदलने की तैयारी में है। आयोग ने इसके लिए प्रदेश भर के टेक्नीकल एजुकेशन संस्थानों के साथ ही कॉलेजों को पत्र लिखा गया है, जिसमें उन्हें कॉलेज के विद्यार्थियों से नया लोगो बनाने के लिए कहा है। विद्यार्थियों के दिए गए नमूनों का सिलेक्शन किया जाएगा। इसमें बेस्ट लोगो बनाने वाले स्टूडेंट्स को पांच हजार रुपए का पुरस्कार भी दिया जाएगा। प्रतीक चिन्ह बनाने के लिए आयोग ने कड़े नियम और शर्तें भी रखा है।
दरअसल, आयोग ने तकनीकी शिक्षण संस्थाओं को जारी पत्र में आने वाले समय में अपने भविष्य की योजना के बारे में बताया है। आयोग के प्रतीक चिन्ह को भी बदलने की योजना को भी बताया गया है। इलेक्शन कमीशन ने प्रदेश के आईआईटी, एनआइटी, ट्रिपल आईटी, इंजीनियरिंग व डिप्लोमा कालेज, आईटीआई के अलावा डिग्री कालेजों को उनके स्टूडेंट्स ने छत्तीसगढ़ चुनाव आयोग के लिए नया लोगो तैयार कराने के लिए कहा है, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थियों के बनाए गए लोगो को कॉलेज स्तर पर सिलेक्ट करने के लिए कहा गया है।
स्टेट लेवल पर होगा सिलेक्शन, मिलेगा पुरस्कार
प्रतीक चिन्ह बनाने और उसका नमूने का चयन पहले संस्थान स्तर पर होगा। इसके बाद संबंधित शैक्षणिक संस्थान प्रमुख चयनित प्रतीक चिन्ह को निर्वाचन आयोग में भेजेंगे, जिसका स्टेट लेवल पर सिलेक्शन किया जाएगा। इनमें से विशिष्ट लोगो का आयोग के अफसर और सिलेक्शन कमेटी चयन करेंगे, जो लोगो सिलेक्ट होगा। उसे पांच हजार रुपए इनाम भी दिया जाएगा।
कॉपी राइट एक्ट को लेकर बनाए नियम व शर्तें
आयोग ने प्रतीक चिन्ह का नमूना तैयार करने के लिए सख्त नियम व शर्तें भी लागू किया है, जिसमें कॉपीराइट एक्ट को ध्यान में रखते हुए सख्ती बरतने के लिए के लिए कहा गया है। को लेकर आयोग ने सख्ती बरती है। नियम के अनुसार प्रविष्टियां साफ्ट कॉपी में आयोग के ईमेल पर भेजना होगा। हार्ड कॉपी नहीं लिए जाएंगे। इसके साथ ही भेजने वाले स्टूडेंट द्वारा खुद की जानकारी निर्धारित प्रोफार्मा में प्रस्तुत करना जरूरी है। आयोग ने आवेदन का नमूना अपने वेबसाइट पर जारी किया है।
इस तरह भेज सकतें हैं प्रतीक चिन्ह का नमूना
- एक विद्यार्थी से एक ही लोगो बना सकता है। एक साथ कई नमूने नहीं लिए जाएंगे।
- नमूना निर्वाचन को प्रदर्शित करता हो, इसमें ईवीएम व बैलेट पेपर को नहीं दर्शाने पर मनाही है।
- लोगो के नमूने में प्रदेश के नक्शे को इंगित किया जा सकता है। नमूना छोटा एवं स्पष्ट हो।
- किसी भी स्थिति में कापीराइट एक्ट का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
- नमूनों का उपयोग प्रस्तुतकर्ता अभ्यर्थी किसी दूसरी जगह पर नहीं कर सकता।
- नमूना चयन करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग का निर्णय अंतिम होगा।











