राष्ट्रपति ने काफिला रुकवाकर स्टूडेंट्स को चॉकलेट बांटी

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बिलासपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्टूडेंट्स को देखकर बीच सड़क अपना काफिला रुकवाकर बच्चों को चॉकलेट बांटी। उसके बाद उन्होंने कुछ देर तक उनसे बात की फिर चली गईं। वे रतनपुर स्थित महामाया मंदिर दर्शन करने जा रही थीं।

इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जीजीयू के दसवें दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंची थी। समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। इस दौरान राष्ट्रपति ने 28 ‎शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि और 76 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिए।

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रतनपुर स्थित महामाया मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की। गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी के 10वें दीक्षांत समारोह में साढ़े तीन घंटे बिताने के बाद वह रायपुर के लिए रवाना हो गईं। उनकी सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर अफसर और जवानों को तैनात किया गया था।

बिलासपुर पहुंचने पर पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी स्थित हेलीपैड पर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने उनका स्वागत किया था। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर शहर में कुछ स्थानों पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद किया गया था। बिलासपुर-रतनपुर मार्ग को छह घंटे तक बंद रहा।

76 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल
दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक सत्र 2021-22 की कई परीक्षाओं‎ और मेरिट में आने वाले छात्र शामिल हुए।‎ 28 ‎शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि और 76 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल दिए गए। 76 में से 72 छात्रों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक दिया गया। हर साल की तरह इस बार भी स्वर्ण पदक में छात्राओं ने अपना दबदबा बरकरार रखा है। इस बार 45 छात्राओं को स्वर्ण पदक मिले हैं।

छह घंटे ब्लॉक रहा बिलासपुर-रतनपुर मार्ग

शहर में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के साथ-साथ ट्रैफिक प्लान भी जारी किया था। शहर में कुछ स्थानों पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहा। बिलासपुर-रतनपुर मार्ग को छह घंटे तक बंद रखा गया था।

 

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