सुकमा वन मंडल के डीएफओ को बहुत जल्द बॉय बॉय

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सुकमा DFO के कार्य प्रणाली से विभाग की छबि हो रही धुमिल तो वहीं विभागीय मंत्री व सचिव भी है नाराज ।

प्रारंभिक जांच में बोनस वितरण में अनियमित्ताओ का खुलासा….सी. सी. एफ.

जगदलपुर वनवृत के सुकमा वन मंडल के आधा दर्जन से अधिक समितियों में तेंदूपत्ता बोनस वितरण में हुए घालमेल मामले में सुकमा वन मंडल के DFO की बहुत जल्द छुट्टी होना तय माना जा रहा है विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन मंत्री एवं विभागीय सचिव सुकमा DFO के कार्यप्रणाली से काफी नाराज हैं तो वहीं वन विभाग के वरिष्ठ ईमानदार अधिकारियों ने दबी जुबान में कहा की ऐसे भ्रष्ट और विभाग की छवि खराब करने वाले अधिकारियों को इनके रिटायरमेंट तक इन्हें लूप लाइन में रखते हुए इन्हें मिलने वाली हर सुख सुविधा से वंचित रखना चाहिए ताकि विभाग की छवि बनी रहेगी ।
वन वृत्त जगदलपुर से प्रारंभिक जांच में भारी गोलमाल होना पाया गया है जिसमें वन मंडल के जिम्मेदार अधिकारी के साथ कुछ प्रबंधक एवं पोषक अधिकारी की भी संलिप्तता होने का खुलासा हुआ है प्रबंधकों द्वारा दिए गए बयान में अधिकारी के इशारे पर गरीबों को मिलने वाली लाभांश राशि में जमकर बंदरबांट किया गया है ।
यह गबन वर्ष 2021-2022 के
बोनस वितरण सै ही नहीं बल्कि कई वर्षों से किस्टाराम,गोलापल्ली, पालचलमा, कोंटा सहित अन्य समितियों में बोनस राशि वितरण नही किये जाने का भी खुलासा होने लगा है । दफ्तरों में यह भी चर्चा जोरो सपर चल रही है कि जगदलपुर वनवृत के एक तत्कालीन अधिकारी की बड़ी सहभागिता होने की चर्चा है जो कांग्रेस शासन काल में बोनस वितरण के नाम पर करोड़ों के वारे न्यारे कर चुके हैं ।
ज्ञात हो कि सुकमा वन मंडल में 2021/2022 में तेंदूपत्ता लाभांश राशि का सैकड़ों संग्राहकों को अप्रैल 2024 में लगभग 6 करोड़ से अधिक की राशि वितरण किया जाना था,जिम्मेदार अधिकारी कुछ प्रबंधक एवं पोषक अधिकारी (डिप्टीरेंजर) के आपसी साठगांठ के चलते संगाहकों को राशि वितरण न कर गरीब आदिवासियों के मेहनत की राशि को आपसी बटवारा कर घालमेल किए जाने का मामला उजागर हुआ है जिसकी जांच कछुआ चाल से जारी है ।

सुकमा DFO का हटना लगभग तय……..सूत्र

हरा सोना संग्रहण करने वाले गरीबों के लाभांश राशि वितरण में हुए गबन मामले में सुकमा वन मंडल के DFO का सुकमा वन मंडल से हटना तय माना जा रहा है। खबर तो यह भी है की इसकी सूचना विभागीय सचिव के माध्यम से छ.ग. शासन के मुख्य सचिव को भी अवगत कराया जा चुका है तो वहीं विभागीय मंत्री भी इनके कार्यप्रणाली व भ्रष्टाचार से बहुत नाराज है तो वहीं मुख्य सचिव से मिली हरी झंडी के बाद वन मंडल सुकमा के मुखिया का बोरिया बिस्तर बंधना तय हो चुका है ।
खबर तो यह भी आ रही है कि फरवरी माह में कभी भी तबादला आदेश जारी किया जा सकता है ।

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