कांग्रेस में गुटबाजी और भितरघात का खतरा

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बिलासपुर जिले में कांग्रेस नेताओं में विधानसभा टिकट के दावेदारों की फौज खड़ी होने के साथ ही अब भीतरघात और गुटबाजी उभर कर सामने आने का खतरा बढ़ गया है। जिस तरह से जिले के छह विधानसभा में दावेदारी की गई है। इससे कांग्रेस प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ सकती है। बेलतरा विधानसभा में 100 से अधिक लोगों ने दावेदारी की है। इसे कांग्रेस संगठन पार्टी के नेताओं का उत्साह बता रहे हैं और दावा किया जा रहा है कि टिकट वितरण के बाद सभी जगहों पर प्रत्याशी को जिताने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस बार सारे दावेदारों से 17 से 22 अगस्त तक ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के माध्यम से आवेदन मंगाए। अंतिम दिन तक जिले के 6 विधानसभा सीटों में 345 दावेदारों ने टिकट की मांग की है। इसमें पार्षद से लेकर संगठन के पदाधिकारी और सीनियर लीडर शामिल हैं।

बेलतरा के दावेदार त्रिलोक ने कहा- मैं स्वाभाविक रूप से हकदार
बेलतरा से दावेदारी करने वाले कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास ने कहा कि 2003 से कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है, जबकि, मैं शुरू से दावेदारी करता रहा हूं। बिलासपुर के नेता लोकतंत्र का मजाक उड़ाकर बेलतरा से दावेदारी कर रहे हैं। जब बिलासपुर वाले बेलतरा में आवेदन कर रहे हैं तो बेलतरा वाले कहां जाएंगे।

बेलतरा, कोटा और बिल्हा में वहीं पुराने चेहरे
विधानसभा चुनाव के दावेदारों में कांग्रेस में संगठन और सत्ता में पैठ बनाने वाले नेता शामिल हैं। कांग्रेस की लहर में बिल्हा में पिछली विधानसभा चुनाव में हारने वाले राजेंद्र शुक्ला फिर से प्रमुख दावेदार हैं। वहीं, कोटा और बेलतरा में सीएम के करीबी और पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी, प्रमोद नायक, मेयर रामशरण यादव, बागी कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास जैसे लोग ही प्रमुख रूप से दावेदारी कर रहे हैं।

एक गुट फिर भी सभी ने दिए आवेदन
खास बात यह है कि बेलतरा, कोटा, बिल्हा जैसे विधानसभा में आवेदन जमा करने वाले ज्यादातर कांग्रेस नेता एक ही गुट से हैं, जो हमेशा साथ-साथ खड़े नजर आते रहे हैं। लेकिन, जब प्रत्याशी बनने की बारी आई है तो उनकी आपसी प्रतिस्पर्धा खुलकर सामने आ गई है। उन्होंने एक ही विधानसभा से एक-दूसरे की खिलाफत करते हुए आवेदन जमा किया है।

कांग्रेस बोली- नेताओं व कार्यकर्ताओं में है उत्साह
कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी का कहना है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार की सरकार ने जनहित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिसके कारण नेताओं व कार्यकर्ताओं में उत्साह और भरोसा है कि उन्हें टिकट मिलेगी तो विधायक बनने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि टिकट मांगना अधिकार है। लेकिन, टिकट पाना अधिकार नहीं है। सभी नेताओं ने संकल्प लिया है कि टिकट जिसे भी मिले, सभी उसके पक्ष में काम करेंगे। अनुशासनहीनता या बगावत करने पर पार्टी हाईकमान सख्ती से कार्रवाई भी करेगी, जो पार्टी से बगावत करता है, उसे पार्टी में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

PCC में विधायक समर्थकों को जगह नहीं
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने गुरुवार को अपने कार्यकारिणी की घोषणा की, जिसमें बिलासपुर में 15 कांग्रेस नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इस लिस्ट में भी सीएम भूपेश बघेल के समर्थकों को ही ज्यादातर मौका दिया गया है। जबकि, विधायक शैलेष पांडेय से जुड़े एक भी कांग्रेस नेताओं को मौका नहीं दिया गया है। जिसका असर विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है।

दावेदार अधिक इसलिए भीतरघात और गुटबाजी का खतरा
जिले के छह विधानसभा सीटों पर जिस तरह से दावेदार सामने आएं है और आवेदन जमा करने वाले कांग्रेस नेताओं की फौज खड़ी हो गई है, जिसे देखते हुए भविष्य में कांग्रेस में भीतरघात व गुटबाजी होने की आशंका है। जाहिर है कि टिकट के दावेदारी करी करने वाले नेताओं को पार्टी से टिकट नहीं मिलेगी तो उन्हें निराशा हाथ लगेगी, जिस तरह से दावेदारी करने के लिए नेता ताकत लगा रहे हैं। ऐसे में मायूसी मिले, तो स्थिति कांग्रेस के लिए चिंताजनक बन सकती है।

उम्मीदवारों को जिताने संकल्प शिविर अभियान चलाएगी कांग्रेस
इस बीच यह भी कहा जा रहा है कि अब कांग्रेस कमेटी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ ही विधानसभा से लेकर मैदानी स्तर पर संकल्प शिविर अभियान चलाएगी, जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं से यह संकल्प लिया जाएगा कि प्रत्येक नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस उम्मीदवार को जिताने का संकल्प लेंगे। कांग्रेस कमेटी ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है।

अब जानिए विधानसभावार दावेदारों की संख्या

बिलासपुर_विधानसभा में विधायक शैलेष पांडेय समेत 29 कांग्रेसियों ने दावेदारी की है।
बेलतरा विधानसभा के लिए पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, मेयर रामशरण यादव सहित 100 से अधिक दावेदार सामने आए हैं और आवेदन दिया है।
अनुसूचित जाति वर्ग के लिए सुरक्षित मस्तूरी विधानसभा के लिए पूर्व विधायक प्रत्याशी दिलीप लहरिया सहित 60 से अधिक कांग्रेस नेताओं ने दावेदारी के लिए आवेदन जमा किया है।
कोटा_विधानसभा में भी दावेदारों की संख्या कम नहीं हैं। यहां जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष विजय केशरवानी के साथ ही पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान सहित 34 से अधिक कांग्रेसियों ने आवेदन जमा किया है।
तखतपुर विधानसभा में विधायक व संसदीय सचिव रश्मि सिंह उनके पति आशीष सिंह, संतोष कौशिक, जितेंद्र पांडेय सहित 32 से अधिक दावेदार सामने आए हैं।
बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के लिए पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, पूर्व विधायक प्रत्याशी राजेंद्र शुक्ला, अंबालिका साहू, जागेश्वरी वर्मा सहित_48 से ज्यादा कांग्रेस नेताओं ने टिकट के लिए आवेदन दिया है।

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