पेट पर बेढ़ब चर्बी से पर्सनैलिटी हो गई है कबाड़? अपनाएं ये 7 सिंपल सूत्र

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30 साल की उम्र के बाद लोग जिंदगी से जद्दोजहद करते हुए कामों में मशगूल हो जाते हैं. 40 साल तक आते-आते लोग खुद को भूलकर परिवार की परवरिश में लग जाते हैं. यहीं से मोटापा नाम की दुश्वारियां भी साथ चलने लगती है. 50 तक आते-आते पेट की चर्बी थुलथुली होकर नीचे लटकने लगती है और वह शर्ट के अंदर से झांकने लगती है. यह बहुत ही खराब एपीयरेंस है. पेट की चर्बी पूरी पर्सनैलिटी को कबाड़ कर देती है. पर अधिकांश लोग इसी के साथ तमाम उम्र गुजार देते हैं. ऐसा नहीं है कि पेट की इस बेढ़ब चर्बी को हम खत्म नहीं कर सकते, बिल्कुल कर सकते हैं. क्योंकि इस चर्बी को हमने ही बढ़ने का मौका दिया है. इसलिए हम ही इसे खत्म भी कर सकते हैं. इसके लिए सिर्फ समर्पण की जरूरत है.

अब सवाल है कि क्या 50 साल की उम्र में पेट की थुलथुली चर्बी को खत्म कर सकते हैं. इस सवाल के जवाब में सर गंगाराम अस्पातल में इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड पेनक्रिएटिक बिलीएरी साइंसेज के कंसल्टेंट डॉ. श्री हरि अनिखिंडी ने दावे के साथ बताया कि 50 साल की उम्र के बाद भी पेट की चर्बी को गायब किया जा सकता है और इसके लिए जिम जाने की भी जरूरत नहीं है.

पेट की चर्बी के कारण
डॉ. श्रीहरि अनिखिंडी ने बताया कि पहले हमें समझना चाहिए कि पेट के पास चर्बी जमा क्यों होती है. दरअसल दो तरह का फैट होता है. फैट चर्बी ही है. एक सबक्यूटिनस फैट होता है जो स्किन के नीचे होता है. सबक्यूटिनस फैट से उतना नुकसान नहीं है. लेकिन दूसरा विसरल फैट होता है जो पेट के नीचे जमा हो जाता है. विसरल फैट ज्यादा खतरनाक है. डॉ. श्रीहरि ने बताया कि विसरल फैट रेजिस्टेंस फैट होता है. यानी यह जल्दी पिघलता नहीं है. इससे हार्ट डिजीज, टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और सांस संबंधी दिक्कतें होती है. विसरल फैट के लिए गलत खान-पान, फिजिकल एक्टिविटी का अभाव, स्मोकिंग, अल्कोहल, तनाव, नींद की कमी और कुछ मामलों में जीन जिम्मेदार होता है.

पेट की चर्बी कैसे करें कम
डॉ. श्रीहरि अनिखिंडी कहते हैं चूंक पेट की चर्बी बढ़ाने के लिए हमारी खुद की गलतियां ही जिम्मेदार हैं, इसलिए हम खुद ही इन गलतियों को सुधार कर इसे कम कर सकते हैं. इसके लिए दो स्तरों पर सुधार की जरूरत होती है. पहला है क्वांटिटेटिव इंप्रूवमेंट यानी मात्रात्मक सुधार. यानी हम जितनी मात्रा में पहले खाते थे, उसमें 20 प्रतिशत तक कटौती करेंगे. दूसरा है क्वालिलेटिव इंप्रूवमेंट यानी गुणात्मक सुधार. इसमें हम अपने जीवन की गुणवत्ता सुधारेंगे. इसके लिए तनाव नहीं लेंगे, पर्याप्त नींद लेंगे और रोजाना फिजिकल एक्टिविटी करेंगे.

1. अनहेल्दी की जगह हेल्दी डाइट- पेट की चर्बी के लिए अनहेल्दी फूड जिम्मेदार है. यानी आपने अब तक बहुत ज्यादा तेल, घी, डिप फ्राई वाली बाहर की चीजें खाई हैं. बहुत ज्यादा चीनी वाली चीजें खाई हैं. इसलिए अब फास्ट फूड, जंक फूड यानी पिज्जा, बर्गर, डेयरी प्रोडक्ट चीज, बटर और जिन चीजों में आर्टिफिशियल चीनी मिली हो, उसे खाना छोड़ दें. इनकी जगह जहां तक संभव हो सके प्लांट बेस्ड फूड खाएं. यानी साबुत अनाज, मोटा अनाज, हरी सब्जियां, ताजे फल, मछली, बादाम और बेजिटेबल ऑयल आदि का सेवन करें. भोजन में जितनी मात्रा में पहले आप खाते थे, उसमें 20-30 प्रतिशत तक कटौती कर दें.

2. वेवरेज को छोड़ें- सॉफ्ट ड्रिंक, सोडा आदि जिनमें लिक्विड शुगर रहती है, उसका भूलकर भी सेवन न करें.

3. प्रोटीन का सेवन बढ़ाएं- पहले कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें जो खाते थे, उनकी जगह प्रोटीन वाली चीजें खाएं, इसके लिए पनीर, सोया, बादाम, अंडा, फिश आदि का सेवन करें. रेड मीट न खाएं.

4. वॉकिंग या रनिंग- डॉ. श्रीहरि ने बताते हैं कि पेट की चर्बी कम करने के लिए ब्रिस्क एक्सरसाइज की जरूरत होती है. इसके लिए सुबह शाम वॉकिंग करें लेकिन वॉकिंग की स्पीड ज्यादा होनी चाहिए. जब आप पैदल चलते हैं तो आपकी स्पीड कम से कम 6 किलोमीटर प्रति घंटे होनी चाहिए. अगर आप रनिंग करते हैं तो यह और भी अच्छा है. रोजाना पूरे दिन में एक घंटा ऐसा करें.

5.साइक्लिंग- ब्रिस्क एक्सरसाइज में साइक्लिंग बहुत फायदेमंद है. यदि आप 45 मिनट में कुछ समय साइकिल चलाते हैं तो यह मोटापे को कम करने के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है.

6. स्विमिंग- मोटापे को कम करने के लिए स्विमिंग भी ब्रिस्क एक्सरसाइज में आता है. यदि आप तेज गति से स्विमिंग करेंगे तो इससे भी पेट की चर्बी घटेगी.

7. योगा- तनाव को कम करने के लिए योगा और मेडिटेशन बहुत फायदेमंद है. इसके अलावा चर्बी कम करने के लिए पर्याप्त नींद भी जरूरी है.

 

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