हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में महमूद (Mehmood) को किंग ऑफ कॉमेडी कहा जाता था. फिल्म इंडस्ट्री में उनका सिक्का खूब चलता था. पोस्टर्स में लीड एक्टर्स के साथ उनकी फोटो होती ही थी. महमूद शानदार अभिनेता के साथ दिलदार शख्सियत के मालिक भी थे. दान-पुण्य तो वो करते ही थे. संघर्ष कर रहे अभिनेताओं के लिए भी वो किसी मसीहा से कम नहीं थे. अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) आज बेशक बॉलीवुड के शहनशाह हैं लेकिन एक समय महमूद ने उनके करियर को उड़ान दिलाने में उनका खूब साथ दिया.
अमिताभ के लिए कभी इंडस्ट्री के गॉडफादर थे महमूद
अमिताभ बच्चन ने भी अपने करियर के शुरुआती दिनों में काफी संघर्ष देखा. कहते हैं हर किसी का कोई ना कोई गॉड फादर जरूर होता है, तो बिग बी के लिए एक समय महमूद कुछ वैसी ही भूमिका अदा कर रहे थे. बिग बी को अपने बच्चे की तरह महमूद मानने लगे थे, उनको भरोसा था कि अमिताभ एक लंबी रेस का घोड़ा हैं. अपने घर में अमिताभ बच्चन को महमूद ने रखा और कई मुश्किल दौर में उनका साथ दिया.
इस फिल्म में बिग बी को दिलाया लीड रोल
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, महमूद अली ने अमिताभ को ‘बॉम्बे टू गोवा’ में लीड रोल दिया. इसके बाद 1973 में आई फिल्म ‘जंजीर’ ने अमिताभ बच्चन की किस्मत पलट दी. महमूद के निधन के बाद साल 2004 में अमिताभ बच्चन ने अपने एक ब्लॉग में अभिनेता का जिक्र करते हुए लिखा था, ‘उन्होंने हमेशा मुझे एक अभिनेता के रूप में स्थापित करने में मदद की. महमूद भाई शुरुआती दौर में मेरे करियर ग्राफ को उठाने वाले मददगारों में से एक थे. वो पहले निर्माता थे जिन्होंने मुझे लीड रोल दिया ‘बॉम्बे टू गोवा’ में. लगातार कई फ्लॉप फिल्मों के बाद मैंने घर वापस जाने का फैसला किया तो महमूद साहब के भाई अनवर ने मुझे रोक लिया था.’
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जब एक रेडियो ब्रॉडकास्टर ने महमूद अली से उनके घोड़ों के बारे में पूछा, तो उन्होंने पूरे गर्व के साथ अमिताभ बच्चन का नाम लिया, उन्होंने कहा, ‘सबसे तेज घोड़ा अमिताभ है. जिस दिन वो अपनी गति पकड़ लेगा, हर किसी को पीछे छोड़ देगा.’
आखिर क्यों दोनों के रिश्तों में आई खटास
अमिताभ बच्चन के संघर्ष के दिनों में उन्हें आगे बढ़ाने में महमूद में एक बड़ी भूमिका निभाई लेकिन दोनों के बीच कुछ ऐसा हो गया जिसके चलते इनके रिश्ते में कड़वाहट आ गई. हालांकि महमूद ने इसके बाद भी बिग बी के लिए हमेशा अच्छा ही सोचा.
एक इंटरव्यू में, महमूद ने स्वीकारा था कि अमिताभ बच्चन उनका काफी सम्मान करते थे, लेकिन उनकी एक हरकत ने उन्हें तोड़कर रख दिया था. उन्होंने कहा था, ‘जब उनके पिता हरिवंश राय बच्चन गिर गए थे तो मैं उन्हें देखने अमिताभ बच्चन के घर गया, लेकिन जब मेरी बाइपास सर्जरी हुई तो अमिताभ अपने पिता के साथ ब्रीच कैंडी अस्पताल आए, लेकिन वो मुझे देखने नहीं आए. वो जानते थे कि मैं इस अस्पताल में हूं इसके बावजूद उन्होंने मुझसे मुलाकात नहीं की. उन्होंने अस्पताल में मिलकर मुझसे मेरा हालचाल तक नहीं लिया. उम्मीद है कि वो किसी और के साथ ऐसा नहीं करेंगे.’
अमिताभ बच्चन के इस बर्ताव ने महमूद को झकझोर कर रख दिया था. उन्हें अभिनेता ये ऐसी उम्मीद नहीं थी, वो भी जब वो उन्हें अपना बेटा मानने लगे थे.









