जिद्दी शुगर से लेकर पेट की चर्बी तक का काल बनता है यह आटा, रोज करें सेवन

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जिस मोटे अनाज को पहले गरीबों का भोजन मानकर तिरस्कार किया जाता था आज वही मोटा अनाज सुपरफूड बन गया है. मोटे अनाज में सेहत का खजाना छुपा है. यदि आप मोटे अनाज से मल्टीग्रेन आटा बनाते हैं और उसका नियमित रूप से सेवन करते हैं तो इसके सेहत को बेमिसाल फायदे हैं. कई रिसर्च में यह पाया गया है कि मोटे अनाज से बने मल्टीग्रेन आटे का सेवन ब्लड शुगर को कम करता है और मोटापा पर लगाम लगाता है. प्रचूर मात्रा में फाइबर और प्रोटीन होने के कारण यह वजन कम करने वालों के लिए बेहतरीन सुपरफूड है. हेल्थशॉट्स की खबर के मुताबिक मल्टीग्रेन आटा हर मामले में गेंहू के आटे से फायदेमंद है.

मल्टीग्रेन आटे कई अनाज को मिक्स करके बनाया जाता है. आप इसमें ज्वार, बाजरा, साबुत अनाज, रागी, सोया, ओट्स, मक्का, छोले, बादाम आदि मिलाकर बना सकते हैं. अपने स्वादानुसार कम से कम तीन तरह के अनाज से मल्टीग्रेन आटे को बनाया जा सकता है.

मल्टीग्रेन आटा में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. ये सब मिलकर इंसुलिन के उत्पादन को प्रोत्साहित करते हैं जिससे ब्लड शुगर का जल्दी से अवशोषण हो पाता है और डायबिटीज का जोखिम कम हो जाता है.

मल्टीग्रेन आटा में डाइट्री फाइबर ज्यादा होता है. जब आप नाश्ते में मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाएंगे तो ज्यादा फाइबर होने के कारण पूरा दिन आपको भूख नहीं लगेगी और ज्यादा प्रोटीन होने के कारण एनर्जी भी मिलती रहेगी. इसलिए मल्टीग्रेन आटा वजन पर लगाम लगाने में बहुत मदद करता है.

मल्टीग्रेन आटा में फाइबर होने के कारण यह डाइजेशन को भी बूस्ट करता है. मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाने गैस, बदहजमी और कब्ज जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है. मल्टीग्रेन आटा का सेवन इम्यूनिटी को भी बूस्ट करता है.

मल्टीग्रेन आटे से हाई कोलेस्ट्रॉल पर भी लगाम लगाया जा सकता है. मल्टीग्रेन आटे में फैट न के बराबर होता है. इसके अलावा इसमें मौजूद पोटाशियम और मैग्नीशियम हार्ट के मसल्स को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. इसलिए मल्टीग्रेन हार्ट हेल्थ को भी बेहतर बनाता है.

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