तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध 33 अभियांत्रिकी महाविद्यालयों की सीटों के लिए आवंटन की पहली सूची जारी की है। एसएसआईपीएमटी रायपुर, श्री शंकराचार्य कॉलेज भिलाई, रूंगटा कॉलेज भिलाई और भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की सीटें भर गईं हैं। पहले ही राउंड में निजी कॉलेजों की सीटों के भरने का नया रिकार्ड इस बार बना है।
रूंगटा आर-1 यानी आरसीईटी 965 में से 965 सीटें अलाॅट हो गई हैं। इसी तरह बीआईटी की 585 में से 585 सीटों का भी अलाॅटमेंट हो गया है। एसएसआईपीएमटी रायपुर की कुल 506 सीटों में से 478 सीटों का अलाॅटमेंट हो चुका है। सीटों की संख्या के आधार पर देखा जाए तो रूंगटा के बाद सबसे अधिक सीटों का आवंटन शंकराचार्य कॉलेज का हुआ है। 1152 सीटों में से 887 सीटों का आवंटन हो गया है।
इस तरह इस बार निजी महाविद्यालयों की ओर विद्यार्थियों का रुझान बढ़ा है। इसके अलावा रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के साथ ही सीएसवीटीयू की अध्ययन शाला में संचालित एआई और डाटा एनालिसिस की सभी सीटों का भी शत-प्रतिशत अलाटमेंट हुआ है। इस तरह इस बार शासकीय महाविद्यालयों के साथ-साथ निजी महाविद्यालयों की ओर भी विद्यार्थियों और अभिभावकों की रुचि बढ़ी है।
सीटें अलॉट होते ही प्रवेश के लिए पहुंच रहे पालक
सीटें अलाॅट होते ही निजी महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचने लगे। चारों निजी महाविद्यालयों में गुरुवार की रात में ही विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ प्रवेश लेने को पहुंचे। वहीं शासकीय महाविद्यालयों और तकनीकी विवि की यूटीडी में शुक्रवार और शनिवार को विद्यार्थियों के आने की संभावना है। वैसे पहले चरण में जिन लोगों को सीटें अलॉट की गई हैं, उन्हें 21 अगस्त तक चिन्हित अभियांत्रिकी महाविद्यालयों में प्रवेश लेना है। इसके बाद सीटें खाली रहीं तो दूसरे चरण की काउंसिलिंग होगी।
कॉलेजों में आज से लगेंगी छात्रों, अभिभावकों की भीड़
डीटीई के काउंसलिंग शेड्यूल के तहत जिन विद्यार्थियों को कॉलेज अलॉट हो गए हैं, अब उन्हें 18 से 21 अगस्त के बीच कॉलेज पहुंच कर प्रवेश पक्के करने होंगे। इस साल मुख्य काउंसलिंग के दो चरण ही होने हैं। पिछले साल आरक्षण विवाद की वजह से बीच में ही काउंसिलिंग रोक दी गई थी। सत्र के समाप्त होते तक भी स्पॉट राउंड नहीं हो पाया था। इसे देखते हुए इस बार दो चरणों के बाद सीधे स्पॉट राउंड का शेड्यूल जारी किया गया है। इसकी वजह से अभिभावकों और विद्यार्थियों में भी महाविद्यालयों में जल्दी प्रवेश लेने की होड़ सी मची हुई है।
पीईटी में राज्य से 13589 परीक्षार्थी हुए शामिल
प्री इंजीनियरिंग टेस्ट में इस बार पूरे राज्य से 13,589 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। 23,492 उम्मीदवारों ने पंजीयन कराया था। 9903 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहेे। परीक्षा के बाद छग व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने परीक्षा में शामिल सभी विद्यार्तियों की रैंकिंग जारी की। इस बार क्वालिफिकेशन के लिए कोई मापदंड नहीं रखा गया है। इसी वजह से परीक्षा में शामिल सभी विद्यार्थी काउंसिलिंग में शामिल हो सकते हैं। हालांकि सीटों की संख्या परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों की तुलना में कम है।
8574 सीटों में से 5011 की आवंटन सूची जारी की
तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने इंजीनयिरिंग की कुल 8574 सीटों में से 5011 सीटों के लिए अलॉटमेंट जारी की। निजी कॉलेजों में 15 % सीटें प्रबंधन कोटे की रखी गई हैं। उन सीटों को बाद में जोड़ा जाएगा। इस तरह इंजीनियरिंग की करीब साढ़े नौ हजार सीटों में प्रवेश का सिलसिला चल रहा है। 21 अगस्त के बाद दूसरे चरण की काउंसिलिंग होगी। जारी अधिसूचना में पहले ही एक साथ पहले और दूसरे चरण की काउंसिलिंग की समय सारणी जारी कर दी गई थी। इसके तहत प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।
अभी पहले चरण के तहत चल रही पंजीयन की प्रक्रिया
इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया के साथ ही इन दिनों पॉलीटेक्निक, आर्किटेक्ट, फार्मेसी, होटल मैनेजमेंट, एमबीए, एमसीए, बी-फार्मेसी, डी-फार्मेसी में भी प्रवेश दिया जा रहा है। इनके लिए पंजीयन और सीट अलाटमेंट की प्रक्रिया क्रमश: की जा रही है। सभी के लिए पहले ही डीटीई ने समय सारणी जारी की थी। उसके अनुसार प्रवेश की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। विद्यार्थियों को इस बार महाविद्यालयों में भी सारे दस्तावेजों की जांच करानी होगी। इसके बाद उनकी प्रवेश प्रकिया पूरी होगी।









