सट्टे में मनीलांड्रिंग और हवाला कनेक्शन पर ईडी की छापेमारी

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सट्टे में मनीलांड्रिंग और हवाला कनेक्शन पर केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीसरे दिन यानी बुधवार को रायपुर और दुर्ग-​भिलाई में छापेमारी की। ईडी की टीम फोर्स के साथ तड़के 5 बजे मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा के देवेंद्र नगर स्थित सरकारी आवास पर पहुंची। तीन टीम भिलाई में ओएसडी आशीष वर्मा, मनीष बंछोर और कारोबारी विजय भाटिया के घर पहुंची।

वहीं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छापे के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर कटाक्ष किया है। सीएम ने लिखा- आदरणीय प्रधानमंत्री जी एवं अमित शाह जी, मेरे जन्मदिन के दिन आज आपने मेरे राजनीतिक सलाहकार एवं मेरे ओएसडी सहित करीबियों के यहां ईडी भेजकर जो अमूल्य तोहफा दिया है इसके लिए बहुत आभार।

इससे पहले ईडी की टीम ने छापे के दौरान भीतर जाते ही सभी का फोन जब्त कर लिया। उसके बाद लैपटॉप व कंप्यूटर सिस्टम जब्त किया गया। आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और उसमें रखे कैश को जब्त किया गया। घर से प्रॉपर्टी के अलावा कई सारे दस्तावेज मिले हैं। चारों के कार की भी तलाशी ली गई है। कुछ जगह देर रात तक जांच चलती रही। इस दौरान किसी को भी मकान के भीतर आने नहीं दिया। हालांकि जांच के दौरान कारोबारी भाटिया की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें रायपुर के निजी अस्पताल में रेफर किया गया हैं।

पुलिस वालों को बीजापुर से लेकर आए: एएआई चंद्रभूषण लंबे समय से रायपुर में पदस्थ था। पिछले माह बीजापुर उसे अटैच किया गया है। तब से वह बीजापुर में था। वहां से ईडी ने उसे गिरफ्तार किया है। सतीश चंद्राकार को वालफोर्ट सिटी और अनिल व सुनील दम्मानी को अशोका रतन से गिरफ्तार किया गया है। दम्मानी भाइयों का भनपुरी में पेट्रोल पंप, सदरबाजार में भूषण ज्वेलर्स और अन्य कारोबार हैं। मिली जानकारी के अनुसार सतीश के घर से 4 लाख कैश, 6 तोला सोना जब्त की गई है। दम्मानी बंधुओं से मोटी रकम बरामद करने की भी चर्चा है।

रायपुर: छापे के विरोध में विनोद वर्मा के घर के सामने प्रदर्शन

सीएम के सलाहकार विनोद वर्मा के घर पर ईडी की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस नेताओं ने उनके घर के सामने बैठकर ईडी और केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान 300 से ज्यादा कांग्रेसियों ने नारेबाजी की। वहीं, भिलाई में ईडी की गाड़ी को घेर लिया गया।

कांग्रेस का आरोप… बूथ मैनेजमेंट देख रहे थे वर्मा इसलिए कार्रवाई

इस बीच, कांग्रेस ने ईडी छापे की कार्रवाई पर पलटवार किया है। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सीएम भूपेश के जन्मदिन के दिन ईडी की कार्रवाई आपत्तिजनक है। विनोद वर्मा कांग्रेस के राजनीतिक प्रशिक्षणों के साथ बूथ कमेटियों का भी काम देखते हैं। उसे डिस्टर्ब करने के लिए उनके यहां छापा मारा गया है। इसके साथ ही आशीष वर्मा, मनीष बंछोर दोनों सीएम ओएसडी हैं। दोनों पाटन में राजनीतिक गतिविधियां देखते हैं। भाटिया सीएम के पारिवारिक मित्र हैं। इसलिए उसे बाधित करने ईडी पहुंची है।

शुक्ला ने कहा कि यह भाजपा की राजनीतिक हताशा का परिणाम है। मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर पूरे प्रदेश में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर प्रदेश में हो रहे कार्यक्रमों से उनकी लोकप्रियता का पता चलता है। इसी लोकप्रियता से घबराकर केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार की छवि खराब करने ईडी की छापा डलवाया है।

कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश की जनता जानती है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को परेशान करने की साजिश हैं। इसका जवाब जनता 2023 के चुनाव में देगी, जब भाजपा दहाई के अंक तक भी नहीं पहुंचेगी। भाजपा ने सत्ता बल का दुरुपयोग कर केंद्रीय जांच एजेंसियों को भाजपा का मोर्चा, संगठन, बना दिया है। इसीलिये भाजपा की प्रमुख अनुषांगिक संगठन ईडी, आईटी मोर्चा ने अपना चुनावी काम शुरू कर दिया है। कांग्रेस की राजनैतिक गतिविधियां रोकने भाजपा ईडी के साथ साजिश कर रही है।

दो और राज्याें में दबिश… झारखंड शराब मामले में 32 जगह छापा

ईडी ने छत्तीसगढ़ के अलावा बुधवार को झारखंड और पश्चिम बंगाल में छापेमारी की। झारखंड में शराब घोटाला मामले में झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव उनके बेटे रोहित उरांव व शराब कारोबारी से संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की। ये ठिकाने झारखंड व पश्चिम बंगाल में हैं। ईडी ने इस मामले में झारखंड और कोलकाता में 32 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव, शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी व इनके सहयोगियों के ठिकाने भी शामिल है।

एएसआई, हवाला कारोबारी भाई और बुकी कोर्ट में पेश

6 दिन की ईडी रिमांड पर

ईडी ने दो दिन की जांच व पूछताछ के बाद एएसआई चंद्रभूषण वर्मा उर्फ सीबी, सतीश चंद्राकर और कारोबारी सुनील दम्मानी व अनिल दम्मानी को गिरफ्तार कर लिया है। चारों को शाम को ईडी की विशेष अदालत में पेश किया। ईडी ने चारों से पूछताछ के लिए रिमांड मांगी। कोर्ट ने 29 अगस्त तक चारों को 6 दिन की ईडी रिमांड दी है। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसके फरहान ने इसका विरोध किया।

ईडी के अधिवक्ता सौरभ पांडेय ने बताया कि सतीश चंद्राकर एक बड़े बुकी का रिश्तेदार है। वह सट्टा चलाता है और आईडी बेचता है। वह सट्टा के पैसों की वसूली करता है। उसे पुलिस विभाग में पदस्थ चंद्रभूषण सुरक्षा प्रदान करता था। इसके एवज में वह पैसा लेता था। चंद्रभूषण ​गिरोह को संरक्षण देने के लिए कई अधिकारी व नेताओं को पैसा पहुंचाता था।

आरोपी दम्मानी भाइयों का हवाला का बड़ा काम है। वह सट्टे के पैसों को विदेश में हवाला कराता है। उसने कबूल किया है कि प्रति लाख वह 100 रुपए लेकर पैसों का हवाला करता था। ईडी को जांच व आरोपियों से पूछताछ में सीएम के सलाहकार विनोद वर्मा समेत अन्य का लिंक मिला। उसके बाद जांच के लिए टीम गई है। आरोपियों ने करोड़ों रुपए विदेश में हवाला से भेजा है।​ ईडी ने देर रात प्रेसनोट जारी कर पूरी कार्रवाई की जानकारी दी।

 

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