जहां उतरा Chandrayaan-3 भारत ने उसे दिया ‘शिव शक्ति’ का नाम, जहां पड़े पदचिह्न वो जगह अब कहलाएगी ‘तिरंगा प्वाइंट’

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चंद्रयान-3 मिशन की सफलता पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की सराहना करते हुए शनिवार को कहा कि विज्ञान और भविष्य में विश्वास करने वाले दुनियाभर के लोगों में भारत की इस उपलब्धि को लेकर उत्साह है। यूनान से सीधे बेंगलुरु पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह देश लौटने पर इसरो के वैज्ञानिकों को धन्यवाद देने के लिए सबसे पहले इस शहर में आने से स्वयं को रोक नहीं पाए।

मोदी ने यहां स्थित ‘ISRO टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क’ (ISTRAC) रवाना होने से पहले एचएएल (Hindustan Aeronautics Limited) हवाई अड्डे के बाहर एक सभा को संबोधित किया।

जहां लैंडर उतरा उस पॉइंट को शिवशक्ति और जहां पदचिह्न छोड़े उसे ‘तिरंगा पॉइंट’ के नाम से जाना जाएगा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों से मिलने के लिए यूनान की राजधानी एथेंस से शनिवार को सीधे बेंगलुरु पहुंचे। उन्होंने घोषणा की कि चंद्रयान-3 लैंडर चंद्रमा की सतह पर जिस स्थान पर उतरा है, उसका नाम ‘शिव-शक्ति पॉइंट’ रखा जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने चंद्रयान-3 मिशन की सफलता को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास का ‘‘असाधारण क्षण” करार दिया और कहा कि चंद्रमा की सतह पर जिस स्थान पर चंद्रयान-2 ने 2019 में अपने पदचिह्न छोड़े थे, उसे ‘तिरंगा पॉइंट’ के नाम से जाना जाएगा।

पीएम ने कहा, ये चांद के रहस्यों को खोलेगा। मैं इस सफलता के लिए मिशन की पूरी टीम को बधाई देता हूं। चंद्रमा के जिस हिस्से पर चांद उतरा है, भारत ने उसका नामकरण का फैसला लिया है. जहां लैंडर उतरा है, उस पॉइंट को शिवशक्ति के नाम से जाना जाएगा.

चंद्रयान-2 ने जिस स्थान पर पदचिह्न छोड़े, वो स्थान अब तिरंगा पॉइंट कहलाएगा
वहीं इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक और नामकरण काफी समय लंबित है। चार साल पहले जब चंद्रयान-2 चंद्रमा के पास पहुंचा था, जहां उसके पद चिह्न पड़े थे, तब ये तय था कि उसका नाम दिया जाए लेकिन उन परिस्थितियों को देखते हुए हमने तय किया था कि जब चंद्रयान-3 सफलता पूर्वक पहुंचेगा तब हम दोनों चंद्रयान मिशन को नाम देंगे। आज जब हर घर में तिरंगा है। इसलिए चंद्रयान-2 ने जिस स्थान पर पदचिह्न छोड़े हैं, वो स्थान अब तिरंगा पॉइंट कहलाएगा। जहां चंद्रयान-3 का मून लैंडर पहुंचा है, वो स्थान आज से शिवशक्ति कहलाएगा।

23 अगस्त का दिन नेशनल स्पेड डे के नाम से जाना जाएगा
वहीं पीएम मोदी ने इसके साथ ही ऐलान किया कि चंद्रयान 3 की लैंडिंग वाले दिन यानि की 23 अगस्त का दिन नेशनल स्पेड डे के नाम से जाना जाएगा।

वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए भावुक हो गए थे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री यहां स्थित ‘इसरो टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क’ (आईएसटीआरएसी) में वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए भावुक हो गए और उन्होंने उनके समर्पण एवं जुनून की खूब प्रशंसा की। इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने उन्हें चंद्रयान-3 मिशन के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री के अभिवादन के लिए आईएसटीआरएसी के पास स्थित जलहल्ली क्रॉस और एचएएल (हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) हवाई अड्डे के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। इनमें से कई ने हाथों में तिरंगा थाम रखा था।

चंद्रयान-3 मिशन का लैंडर मॉड्यूल बुधवार शाम को जब चंद्रमा की सतह पर उतरा था, उस समय मोदी आईएसटीआरएसी के ‘मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स’ (एमओएक्स) में इसरो की टीम के साथ जोहानिसबर्ग से ऑनलाइन जुड़े थे, जहां वह ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) के 15वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे थे। इससे पहले, मोदी चंद्रयान-2 मिशन के ‘विक्रम’ लैंडर के चंद्रमा की सतह पर उतरने का साक्षी बनने के लिए छह सितंबर 2019 की रात को बेंगलुरु आए थे, लेकिन सात सितंबर को तड़के सतह पर उतरने के निर्धारित समय से चंद मिनट पहले इसरो का यान से संपर्क टूट गया था। उस समय ‘विक्रम’ चंद्रमा की सतह से मात्र 2.1 किलोमीटर ऊपर था।

 

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