बस्तर के ट्राइबल कल्चर में ‘बचपन का प्यार’

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‘बचपन का प्यार मेरा भूल नहीं जाना रे’ गाना अब बस्तर के ट्राइबल कल्चर में भी देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्ययंत्र मोहरी बाजा से इस गाने की धुन निकाली। उस पर बड़ी संख्या में आदिवासी युवक-युवती डांस कर रहे हैं। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। हालांकि यह वीडियो कब का है? किस गांव का है? अभी यह स्पष्ट नहीं है।

दरअसल, करीब 1 मिनट 3 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में युवक-युवतियों का एक समूह दिख रहा है। जो किसी गांव में कुछ आयोजन के दौरान बस्तरिया नृत्य कर रहे हैं। एक-दूसरे की कमर में हाथ रखकर ताल से ताल मिला रहे हैं। वहीं कुछ ग्रामीण मोहरी बाजा से बचपन का प्यार गाने की धुन निकाल रहे हैं।

2 साल पहले सुर्खियों में आया था गाना

गुजरात के एक सिंगर ने कुछ साल पहले बचपन का प्यार गाना गाया था। उस समय इस गाने को ज्यादा फेम नहीं मिल पाया। फिर सुकमा के एक स्कूल में पढ़ने वाले सहदेव दिरदो ने जब इस गाने को गाया तो स्कूल शिक्षक ने उसका वीडियो बना लिया। उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। सहदेव के बचपन को बसपन बोलने वाले अंदाज से वीडियो सुर्खियों में आ गया।

बादशाह ने भी बनाया था वीडियो एलबम

सहदेव की वीडियो वायरल होने के बाद कई बड़े सेलिब्रिटी ने इसकी लिरिक्स पर रील्स बनाई थी। साथ ही मशहूर सिंगर बादशाह ने सहदेव के साथ बचपन के प्यार का एक वीडियो एलबम भी लॉन्च किया था। यह नया वर्जन भी लोगों को खूब पसंद आया था। चंद घंटों में इस वीडियो को करोड़ों लोगों ने देखा था।

 

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