बालोद जिले के जीवनदायिनी तांदुला जलाशय में शुक्रवार को उफनती लहरों के बीच एनडीआरएफ की टीम ने मॉक ड्रिल किया। टीम ने बाढ़ से बचाव और राहत कार्य को लेकर जिले वासियों और स्कूली छात्र-छात्राओं को जागरूक करते हुए उन्हें प्रशिक्षित किया। इस दौरान एनडीआरएफ के कमांडर पवन जोशी ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के समय हम पूरी जिम्मेदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं।
पुलिस विभाग के अनुविभागीय अधिकारी प्रतीक चतुर्वेदी ने कहा कि कैसे हमें एनडीआरएफ के साथ सामंजस्य बनाकर काम करना है। विपरीत परिस्थितियों में उनके साथ मिलकर कैसे आपदा में फंसे लोगों की मदद करनी है, इसके लिए मॉकड्रिल और बचाव राहत संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस विभाग के जवान सहित स्कूली बच्चे भी यहां पर पहुंचे हुए।
उफनती लहरों में मॉकड्रिल
आपको बता दें कि एनडीआरएफ द्वारा उफनती नहरों के बीच जीवनदायिनी जलाशय तांदुला में जीवन बचाने का मॉकड्रिल किया गया। यहां क्रिएट किया गया कि कुछ लोग पिकनिक मनाने गए हुए हैं और वे जलाशय में डूबने लगे। इसके बाद एनडीआरएफ को सूचना दी गई। जहां NDRF की टीम जलाशय के बीच में पहुंची और डूबे हुए लोगों को वहां से बचाकर लाया गया। इसके बाद घायल लोगों का प्राथमिक उपचार कैसे किया जाता है, कैसे संसाधन ना होने के दौरान नारियल की खाली परतों और खाली बोतलें से जान बचाया जाता है, इसके संबंध में जानकारी दी गई।
मिलकर करते हैं काम
एनडीआरएफ के कमांडर पवन जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी हमारी एक यूनिट काम करती है, जो भिलाई में सक्रिय है। जब भी हमें प्राकृतिक आपदा के दौरान काम करना होता है, तो हमें स्थानीय प्रशासन और स्थानीय एसडीआरएफ टीम के मदद की आवश्यकता होती है, इसके लिए हम समय-समय पर मॉकड्रिल करते हैं।










