विष्णुदेव साय होंगे छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री

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विष्णुदेव साय: सब के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा

रायपुर। भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद विष्णु देव साय को विधायकों और समर्थकों ने फूलमालाओं से लाद दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया। बैठक में विष्णु देव साय को विधायक दल का नेता चुने जाने की वरिष्ठ नेताओं ने सूचना दी।

नेता चुने जाने के बाद साय ने पार्टी का आभार मानते हुए कहा कि पार्टी ने एक छोटे से कार्यकर्ता पर इतना विश्वास जताया और राज्य का नेतृत्व करने का दायित्व दिया है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का भी आभार माना। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा का भी आभार जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया। साय ने कहा कि वे सबके विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उनका प्रयास होगा कि मोदी की गारंटी का राज्य में क्रियान्वयन हो।

नव निर्वाचित विधायकों की बैठक रविवार को हुई। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में इस बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता का चयन किया गया। बैठक के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा व सर्वानंद सोनोवाल और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम रायपुर के बीजेपी कार्यालय पहुंचे। बैठक में नवनिर्वाचित प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, केंद्रीय मंत्री व चुनाव सह प्रभारी डा. मनसुख मांडविया, भाजपा संगठन सह प्रभारी नितिन नबीन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह भी उपस्थित रहे। इस बीच पर्यवेक्षक अर्जुन मुंडा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा था शाम तक छत्तीसगढ़ को मिल जाएगा नया मुख्यमंत्री।

ओबीसी या आदिवासी का फार्मूला

इससे पहले पार्टी सूत्रों ने कहा था कि प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में अगर पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के चेहरे पर सहमति नहीं बनी तो पार्टी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और आदिवासी मुख्यमंत्री के फार्मूले पर विचार कर सकती है। ओबीसी वर्ग से अरुण साव व ओपी चौधरी और आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय और रेणुका सिंह के नाम पर मुहर लगने की संभावना थी। बता दें कि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 54 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर बहुमत प्राप्त किया है। कांग्रेस 34 सीटों पर सिमट गई है। वहीं, एक सीट गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के खाते में पहुंची है।

कौन हैं विष्णुदेव साय?

विष्णुदेव साय का जन्म 21 फवरी 1964 में जशपुर जिले के बगिया गांव में एक किसान परिवार में हुआ था. उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई कुनकुरी स्थित लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल से की है. उनका एक बेटा और दो बेटियां है. विष्णुदेव साय ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत 1989 में ग्राम पंचायत बगिया के पंच के रूप में की थी. विष्णुदेव साय कुनकुरी विधानसभा से निर्वाचित हुए हैं. वे आदिवासी समुदाय से आते हैं. विष्णुदेव साय 2020 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं. सांसद और केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं. इतना ही नहीं साय की गिनती संघ के करीबी नेताओं में होती है. वह रमन सिंह के भी करीबी हैं. साल 1999 से 2014 तक वह रायगढ़ से सांसद रहे हैं. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में साय को केंद्र में मंत्री बनाया गया, जिसके बाद इन्होंने संगठन पद से इस्तीफा दे दिया था.

जानिए राजनीतिक सफर

विष्णुदेव साय ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत 1989 में ग्राम पंचायत बगिया के पंच के रूप में की थी. इसके बाद 1990 में निर्विरोध सरपंच चुने गए. 1990 में उन्होंने पहली बार जिले के तपकरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीतकर अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक बने. 1999 से 2014 तक लगातार तीन बार रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए. 2014 में भी उन्होंने सांसद चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. 2014 में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार में इन्हें केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री का उत्तरदायित्व दिया गया था. साय को संगठन में काम करने का भी लंबा अनुभव है. पार्टी ने उन्हें 2006 और 2020 में दो बार प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा. वर्तमान में विष्णुदेव साय भाजपा के राष्ट्रीय कार्य समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं.

दादा और दो भाई भी रह चुके हैं विधायक

विष्णुदेव के दादा स्व. बुधनाथ साय 1947-1952 तक विधायक मनोनीत हुए. जनसंघ के समय विष्णुदेव के बड़े पिताजी स्व. नरहरि प्रसाद साय सन् 1962-1967 तक लैलूंगा विधानसभा से विधायक रहे. 1972-1977 तक बगीचा विधानसभा से विधायक रहे. 1967 से 1979 तक सांसद व केंद्रीय मंत्री रहे. बड़े पिताजी स्व. केदारनाथ 1967-1972 तक तपकरा विधानसभा से विधायक रहे.

बैठक में लगी नाम पर मुहर

छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री चुनने के लिए प्रदेश में तीन पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई थी. भाजपा विधायक दल की बैठक में विष्णुदेव साय के नाम पर मुहर लगाई गई. छत्तीसगढ़ में तीनों पर्यवेक्षकों ने विधायक दल के नेता के नाम का एलान किया.

5 साल के गैप के बाद भाजपा की वापसी

बता दें कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने बंपर जीत हासिल की है. 2018 की तुलना में भाजपा ने अपना प्रदर्शन सुधारते हुए प्रदेश की सत्ता में वापसी की. 54 सीटों के साथ बीजेपी ने छत्तीसगढ़ में सरकार बनाई है. वहीं कांग्रेस 68 सीट से लुढ़ककर महज 35 सीटों तक ही सिमटकर रह गई.

 

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